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बुधवार, 11 जुलाई 2018

माँ के दिल से

प्रिय हो तुम,
मेरे श्वास से भी ज्यादा
#कड़वाशब्द
माँ शब्द ....माना कि सँसार है
पर शिशु ही ममता का आधार है
#कड़वाशब्द
तेरी अठखेलियों से खिलती हूँ,
तुझ से ही, मैं खुद से मिलती हूँ
#कड़वाशब्द
शिकन तेरी, मेरी बेचैनी बढ़ाती है
माँ की मुस्कान, तेरी हँसी से लौट आती है
#कड़वाशब्द
रोज तेरी नई लीला, माँ का आनंद बन जाती है
शिशु की किलकारी, माँ के आंगन की बाती है
#कड़वाशब्द
ममता के चिराग में, रोशनी भर भर आती है
जब माँ की गोद एक नन्हें फूल से महक जाती है
#कड़वाशब्द
माँ की बात आज तुम्हें एक माँ ही सुनाती है
ममता रूपी दिए कि शिशु से अलख जग पाती है
#कड़वाशब्द
तुम बिन हर शब्द ममता का अधूरा है
मेरे शिशु से ही मेरा परिवार भरा पूरा है
#कड़वाशब्द
तो माँ की ममता के बखान में याद रखना जरूर
हर माँ के लिए उसका शिशु होता है उसका ग़ुरूर
#कड़वाशब्द
तेरे माथे को चूम कर जो सकूँ मिल जाता है
वो एहसास ही मुझे, माँ होने का हक़ दिलाता है

एक माँ की कहानी ....उसकी जुबानी

सोमवार, 27 मार्च 2017

औरत तेरी कहानी.....

पर्दा मेने किया,
नजरें उसकी चुभती थी 😢

बेपर्दा हुई जिस दिन
गुनाहगार भी , मैं ही हो गई😷

हर इंसान में अक्स है मेरा
आखिर लूटती फिर भी मैं ही हूँ 😥

मेरे ही आँचल में पलता बढ़ता मासूम
फिर किसी मासूम का आँचल छीन लेता है 😔

ख़ुद के अक्स से बच कर जाऊ भी कहाँ
मेरी ममता की आड़ में, ज़िन्दगी उजाड़ देता है 😧

जो सुना था, वो समझ लिया, एक उम्र गुजार कर
आखिर लोहे ने ही लोहे को काट दिया

मेरी ममता, मासूमियत और प्रेम को भी बाँट दिया
एक औरत को अपनी जरुरत(हिस्सों में)  से दुनिया ने छाँट(चुन) लिया

कड़वे शब्द बोलता हूँ