पिछले कुछ महीने से मैने एक मार्केटिंग कंपनी को ज्वाइन किया, उस कंपनी के वेलनेस और एग्रो के प्रोडक्ट है। प्रोडक्ट बेहतर है इसमें कोई चर्चा का विषय नहीं,विषय चर्चा का है कि इन प्रोडक्ट को बेचने का तरीका। इस तरह के प्रलोभन दिए जाएंगे जो आपको दैनिक जीवन में कमी महसूस देते हो जैसे अच्छे टूर करवाना, डांस पार्टी इत्यादि। एक बार के लिए मन बहल जाता है लेकिन जब आप आदि हो जाते हो आपको इनका जबरदस्ती प्रोडक्ट बेचने या खरीदने का प्रेशर आपकी कमर तोड़ देता है। जहां आज के समय में लोगों के पहले ही रिश्ते बेहतर नहीं उन्हें ये बिल्कुल खराब कर देते है। जिस सामान की आपको आवश्यकता नहीं उस सामान को जबरदस्ती जिस जनकर को आप अपने भावनात्मक सम्बन्ध में बेच दोगे अगली पार वो आपसे और दूरियां बना लेगा। कुछ प्रोडक्ट की अच्छाइयों का फायदा उठा कर आपके जीवन को तीतर बितर कर देंगे। इनको ट्रेनिंग में प्रशिक्षित इस तरह से किया जाता है कि लूटना इनका अधिकार है, और लुट जाना अपनों का भाग्य। मैने बहुत कुछ खो दिया इस काम में, अब मैं खुद का भी सम्मान नहीं करता।
कौन नमक लौटा लेकर कसम खिलाएगा आप समझ सकते है जिसे डर हो कि उसकी दुकान बंद हो जाएगी अगर आप ने आना छोड़ दिया। इसलिए मैं किसी भी भले इंसान को व्यक्तिगत रूप से जाने की सलाह नहीं दूंगा अगर आपका काम ही हमेशा ठगी से चला हो तो ये आपके लिए बेहतरीन काम है।
जय मार्केटिंग कंपनी।
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