शनिवार, 8 फ़रवरी 2020

बिखरी जिन्दगी के निखरे रंग

अपने कार्य के प्रति अंध प्रेम ने सामाजिक दुनिया से दूर कर दिया। पिछले महीने अपनों द्वारा चोट के उपरांत दफ्तर में अकेला रह गया था। सभी कार्यों से मुझे दूर कर दिया गया। मेरे जैसे व्यक्ति के लिए बिल्कुल खाली बैठे रहना सजा से कम नहीं था। धीरे धीरे खाली रहने की आदत तो हो गई साथ ही कुछ रोचक बदलाव भी आ गए। समय से घर जाने लगा जिस कारण से शाम को सैर का समय मिलने लग गया। गाँव के बचपन के रिशतें फिर से हरे हो गए , बन्जर से रिश्तों में जैसे जान आ गई। अब वो सभी पुराने दोस्त खेतो की मेढ़ पर हर सप्ताह मिलने लगे है। शहर की अंधी चकाचौंध दुनियाँ से गाँव की अनपढ़ मिट्टी में खुशियाँ मिलने लग गई। जैसे कॉटन बोझ था मेरे दिल पर सारा उतर गया है। और अब दूर से शहर के उन लोगो को देखता हूँ तो उनका जीवन आजभी उन उलझनों से उलझा है वही सियासती चाल कभी वो चलते कभी उनके विरोधी। दुर्भावना वाले मन से कभी किसी पर दोषारोपण तो कभी किसी पर। खैर अभी जीवन सुखद व भरपूर है। देखते है आगे क्या रंग दिखलाता है जीवन फिर उसे शेयर करूँगा। अलविदा।। 

सोमवार, 30 दिसंबर 2019

एक मौसम आता है

एक मौसम आता है
हर कोई दीवाना हो जाता है
उम्र का वो लम्हा ही तड़पता है
इंसान पागल सा हो जाता है

गुरुवार, 26 दिसंबर 2019

अधूरा

पत्थरो से लिखा किरदार मेरा,
सख़्त बड़ा है फिर भी रिसता है
अकड़ से खड़ा है अभिमान मेरा
रिश्तों की ख़ातिर अक्सर पिसता है

गुरुवार, 21 नवंबर 2019

खुशियाँ

बिखर गया था मैं, रिश्तों की धार से
सिमट गया हूँ मैं बन्ध के एक तार से

तुम से ही निकलेगी अब हर राह मेरी
खुशियाँ तुझ से, तकदीर बंधी जो मेरी

सोमवार, 11 नवंबर 2019

पीड़ा

जिस्म नोच लिया है तुमनें, यक़ीन नहीं होता होगा तुम्हे तो क्योंकि अन्धे हो चुके हो ख़्वाहिशों के स्वार्थ में और झूठी शोहरत की आस में, मग़र मेरा जिस्म का कतरा कतरा रोज तुम्हारी बर्बरता की भेंट चढ़ रहा है। मेरा दिल समझ नही पा रहा कि उसे सजा ख़्वाहिशों की मिली है या उसकी नेकदिली की जो एक रंग बदलते व्यक्तित्व पर उसने आँख बंद कर भरोसा कर लिया और फिर एहसास ऐसा दिलाया कि ग्लानि से मेरा मन भर दिया जैसे मुझ से बुरा व्यक्ति इस धरती पर न कोई हुआ है न कोई होगा। कमाल का व्यक्तित्व है उनका कि सभी कर्तव्य मेरे लिए छोड़ दिए और अधिकारों का हक स्वयं के लिए सुरक्षित रख लिया।
वास्तव में समय हाँ जी की हामी का है, काश मुझे भी ये गुण मिल गया होता तो मैं भी रिश्तों में सफल हो पाता मग़र मुझे उसूलों और अपनों को सही रास्ते पर चलाने की पुरातन विचारधारा सबसे अलग कर देती है। आज कोई भी अपनी बुराइयों को नही सुन सकता, और मुझे बुरी आदत है सब साफ साफ कह देने की, भला फोर कौन मुझे पसंद करता। ख़ैर छोड़िए समस्या यह नहीं है समस्या है जो कल मेरे साथ थे उनमें हजार बुराइया थी आज जब उन्होंने ने हाथ थाम लिया तो सब पवित्र हो गए। अजीब दास्तान है वर्तमान के छलावे की। आज की तिथि में मेरा न कोई उद्देश्य, न कोई मित्र, न कोई ध्येय है। जीवन उसके दुष्चक्र में इतना प्रभावित हुआ रोज मानसिक रूप से क्षीण होता जा रहा हूँ। कोशिश रोज करता हूँ इस प्रताड़ना से बाहर आने के लिए अच्छे बुरे सभी विकल्प तलाश रहा हूँ। मग़र अंधकार की इस दुनियाँ में कोई आशा की किरण नजर नहीं आती। शायद मैं आवश्यकता से अधिक सोच रहा हूँ क्योंकि जिनके लिए सोच रहा हूँ उन्हें तनिक भी प्रभाव नही पड़ता। वैसे पड़ना भी नही चाहिए उनका मकसद और उद्देश्य तो सार्थक हुआ है वो अपनी जगह शत प्रतिशत सही है। जीवन में वो सब व्यवहारिक रहे मुझे ही मित्रता व अपनेपन का शौक चढ़ा था अब ठगा हुआ सा दोष उनमे ढूंढ था हूँ जबकि ख़ुद कुल्हाड़ी पर पैर मार दिया मेने, और अब इन जख्मों का कोई इलाज नहीं क्योंकि घाव इतने गहरे जो हो गए अब तो मृत्यु शैय्या ही इन सब व्यर्थ के विचारों से मुक्ति दिला सकती है। वो हालांकि हमारे हाथ नहीं मगर तब तक ये जिस्म सिवाए लाश और कुछ नहीं। गुनाहगार हूँ किस किस दिल का, जो वक़्त नहीं कट रहा मुश्किल का ,
न कोई मित्र
न कोई शत्रु
जरूरत से बंधे है रिश्ते आजकल

शनिवार, 17 अगस्त 2019

अन्तःकरण

पिछले कुछ दिनों से दफ्तर में काफी उठा पटक के बाद जिसको जो चाहिए था वो मिल गया, सता के चाहने वालों को कुर्सी, दौलत के पसंद करने वालों को अधिकार और तन्हा रहने वालों को तन्हाई, कुल मिलाकर सब खुश है अपनी जगह। ईश्वर करें यह स्थिति बनी रहे ताकि सब खुशी खुशी अपनी नौकरी कर ले क्योंकि नौकरी की आवश्यकता सबको है। बस कुछ लोगो को नौकरी से भी ज्यादा बहुत कुछ चाहिए, और ईश्वर उनको वो सब दे भी दे, मगर किसी का अहित न हो। और मेरी भी प्रार्थना है कि मुखोटों से भरे सँसार से दूर रखना मुझे ईश्वर अगर वास्तविकता में आपका वजूद है तो जो कि मुझे लगता नहीं। क्योंकि सामाजिक परिवेश में सफल वही है जिसका निशाना सही है।

शुक्रवार, 12 जुलाई 2019

जल सरंक्षण नीति (पीढ़ी बचाओ समृद्धि लाओ)

हरियाणा प्रदेश में जिला करनाल एक खास ही पहचान रखता है, देश व प्रदेश की राजधानी से समान दूरी पर स्थित इस शहर का नाम महाभारत के अहम पात्र कुन्ती पुत्र कर्ण के नाम पर पड़ा था। जिला करनाल को ऐतिहासिक पहचान के अतिरिक्त भी धान की अधिक पैदावार के कारण से जाना जाता है धान के कटोरे के रूप में पहचान वाला अभिमान ही अभिशाप बन गया है। धान की अधिक बुआई के कारण घटता जलस्तर जिला करनाल के स्वर्णिम इतिहास पर प्रश्नचिन्ह लगा रहा है कि आने वाली पीढ़ी को हम समृद्धि की और ले जा रहे है कि विनाश की और। गहराया जल संकट गाँव शहर प्रदेश व राष्ट्रीय स्तर पर गहन चिन्ता का विषय बन चुका है। केंद्र सरकार द्वारा जल शक्ति अभियान की शुरुआत हुई तो जिला प्रशासन द्वारा भी इस कड़ी में ठोस कदम उठाए जाने के लिए सयुंक्त सचिव व उपायुक्त महोदय की अध्यक्षता में अहम बैठकों का आयोजन किया गया। प्रारंभिक बैठकों में जल संकट के निम्न कारण निकल कर सामने आए।
1. भूमिगत जल का अंधाधुंध दोहन
2. प्राकृतिक जल संचय स्त्रोतों पर अतिक्रमण
3. जनमानस में जल संकट के प्रति जागरूकता की कमी
4.
5.

उक्त कारणों के  चिन्हित करने के उपरांत अब बैठकों में चर्चा का विषय था कि समस्यायों का निदान कैसे हो। तो जिला प्रशासन ने जन जागृति प्राथमिक तौर पर मुख्यतः निम्न समाधानों पर बल दिया

I. वर्षा जल संग्रहण
II. जन जन जागृति अभियान
III. जल संचय संसाधनों का निर्माण व जीर्णोद्धार
IV. अनाधिकृत बोरवेल पर प्रतिबंध
V. पौधरोपण

उक्त सभी समाधान के लिए आगामी 2 माह में निम्न कार्य करवाये जाने के लिए रूपरेखा तैयार की।

1 प्राकृतिक संसाधनों की पुनःस्थापना:- जिला करनाल में कुल 382 ग्राम पंचायतों के 435 गांवों में कुल 987 तालाब है जिनका प्रयोग पशुओं के पानी व कृषि कार्यों के लिए किया जाता था। आधुनिकता वाद के दौर में बोरवेल के अत्याधिक इस्तेमाल से यह तालाब जल प्लावन व पशुओं के मल व अन्य गीले कचरे के कारण गांवों की भयंकर समस्या बन गए है। जिला करनाल ही था जिसने देश प्रथम स्तर पर तीन तालाब की संकल्पना की शुरुआत की जिसको पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय द्वारा काफी सराहना की गई व पूरे देश में इसे लागू करने के निर्देश भी जारी किए गए। जिसके तहत जिला करनाल में जुलाई 2019 तक कुल ........ तीन/पंच ताल का निर्माण हो चुका है तथा .......तक कुल .........पंच ताल का लक्ष्य रखा गया है। जिसकी अनुमानित लागत रुपये.....है। उक्त पंच ताल की वजह से जलप्लावन की समस्या का पूर्ण रूप से निदान हो गया है।

2. वर्षा/छत जल का संचयन करना:- अक्सर बरसात के दिनों में पानी का सड़कों पर भराव देखा गया है। जिसके लिए वाटर रिचार्ज पिट का निर्माण करके निदान किया  जा सकता है। जिला करनाल में जुलाई 2019 माह तक कुल .... रिचार्ज पिट का निर्माण सार्वजनिक भवन पर तथा कुल .... का निर्माण निजी भवनों में किया जा चुका है जिससे ..... क्यूबिक मीटर पानी का संचय किया जा चुका है। जिसका कुल खर्च रुपये ....था व अगले दो माह के लिए कुल .....रिचार्ज पिट के नवीकरण का लक्ष्य रखा गया है जिसकी अनुमानित लगता .....रुपये है तथा .....क्यूबिक मीटर पानी का संचय किया जा सकता है।

3. छोटी नदी व नालों की पुनः स्थापना:- अतिक्रमण के चलते काफी नदी व नालों पर कब्जा कर लिया गया अथवा देखरेख के अभाव में उनका मूलभूत ढांचा धूमिल होने के कगार पर है। इसलिए प्रशासन ने आगामी दिनों में कुल ....नदियों के पुनः स्थापना का लक्ष्य रखा गया है जिसके लिए अनुमानित लागत रुपये...का पूर्वानुमान है।
4. सोक पिट का निर्माण:- जिला करनाल में अधिकांश क्षेत्र रेतीली भूमि है जिसपर सोक पिट का निर्माण के द्वारा दूषित जल का निपटान किया जा सकता है तथा भूमिगत जल के स्तर में सुधार किया जा सकता है। जिला करनाल में अब तक कुल ....सामुदायिक सोक पिट व कुल ...निजी सोक पिट का निर्माण किया जा चुका है जिस पर कुल ....रुपये की राशि खर्च की गई है। .....माह तक जिला करनाल में कुल .....सोक पिट के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है जिसकी अनुमानित लागत ....रुपये है।