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रविवार, 22 मई 2022

खुश और अन्य विचारधारा

जिन्दगी में काले बादलों का असली कारण आसपास के व्यक्तियों से उम्मीदें लगाना होता है जिसकी वजह से आमतौर पर दुख ही मिलता है। अगर आप खुश लोगो पर नजर डालोगे तो उनका व्यवहार किसी से अपेक्षा की बजाए जहां जो मिला उसी से काम चला लिया अथार्त वो किसी पर निर्भर नही होते न ही उन लोगो का किसी से समर्पण होता है। जीवन जीने के लिए उन्हें जो संसाधन जहां से मिल जाये वो उनका स्वागत करते है। अच्छाई व बुराई दोनों ही जीवन का हिस्सा है तो कुछ बुराई भी है ऐसे जीवन में, सबसे बड़ी बुराई ये लोग किसी के नही होते तथा इनके लिए रिश्तों से ज्यादा स्वयं मायने रखता है। अक्सर देखते है दोस्तों की टोली में ऐसे अलग अलग विचारों के लोग मिलते है। जब खुश रहने वाले दोस्त आगे बढ़ जाते है यो अन्य विचारधारा वाले मित्रों को ठगा सा महसूस होता है। लेकिन खुश रहने वाले कि इसमें कोई गलती नही होती क्योंकि उसने जीवन मे बहती हवा सा जीना सीख लिया है। उसे मालूम है खुश रहने का तरीका मौकों का उपभोग करना होता है चाहे वो मौका किस व्यक्ति या किसी अनैतिक तरीके से ही क्यों न मिल रहा हो। अब कुछ लोग इस उधेड़ बुन में रहते है कोई बुरा करेगा यो भगवान देखेगा। उनको बताना चाहूंगा ये शब्द केवल अच्छे लोगो की पैरों में बेड़िया डालने के लिए ही बनाये गए है। जीवन का मूल मंत्र है कर्म, अगर आपके कर्म उचित दिशा से किया है तो सफलता आपकी है। किसी का बुरा न करना निज विचार है लेकिन उसके लिए कोई कुदरत सजा देने नहीं आती।  आज के लिए इतना ही फिर बात करेंगे

कड़वे शब्द बोलता हूँ